जन्म तिथि, समय और स्थान से अपनी जन्म राशि (चंद्र राशि), नक्षत्र और पाद जानें, शासक ग्रह और वैदिक विवरण सहित।
आपकी चंद्र राशि और नक्षत्र कुंडली का मूल हैं। AstroSamay पर पूर्ण जन्म कुंडली, विंशोत्तरी दशा और असीमित ज्योतिषी चैट पाएं।
मेरी पूरी कुंडली बनाएं →लाहिड़ी अयनांश (निरयन वैदिक राशि) से गणना।
आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि) वह राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्र था। वैदिक ज्योतिष में चंद्र मन और भावनाओं का स्वामी है, इसीलिए दैनिक राशिफल सूर्य राशि नहीं, चंद्र राशि से देखा जाता है। प्रत्येक राशि में चंद्र 27 नक्षत्रों में से एक में होता है, यही आपका जन्म नक्षत्र है। हर नक्षत्र 13°20′ का होता है, चार पादों में बँटा होता है, और इसका अपना शासक ग्रह, प्रतीक और देवता होता है। चंद्र राशि और नक्षत्र मिलकर स्वभाव, विंशोत्तरी दशा और शिशु के नामकरण का शुभ अक्षर तय करते हैं।
आपकी चंद्र राशि, यानी जन्म राशि, वह राशि है जिसमें आपके जन्म के ठीक समय पर चंद्रमा था। वैदिक ज्योतिष में यह मन और भावनाओं को दर्शाती है, और आपका रोज़ का राशिफल इसी राशि से पढ़ा जाता है। यह अक्सर आपकी सूर्य राशि से अलग होती है।
नक्षत्र वैदिक राशिचक्र के 27 चंद्र भवनों में से एक है। आपका जन्म नक्षत्र वह नक्षत्र है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। हर नक्षत्र का एक स्वामी ग्रह, एक प्रतीक और एक अधिष्ठाता देवता होता है, और यह चार पादों में बँटा होता है।
अपनी जन्म तारीख, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान भरें। कैलकुलेटर चंद्रमा की सटीक स्थिति निकालकर आपकी जन्म राशि और नक्षत्र, पाद के साथ बताता है। समय और जगह इसलिए ज़रूरी हैं क्योंकि चंद्रमा तेज़ी से चलता है।
वैदिक (भारतीय) ज्योतिष में भविष्यवाणी के लिए चंद्र राशि को सूर्य राशि से ज़्यादा ज़रूरी माना जाता है, क्योंकि चंद्रमा मन और भावनाओं का स्वामी है। रोज़, साप्ताहिक और मासिक राशिफल चंद्र राशि (जन्म राशि) से ही पढ़े जाते हैं।
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